गुरुवार, 3 जुलाई 2025

सभी HKRNL कर्मचारी कांट्रेक्ट बढ़ोतरी लेटर जारी! धोखा – केवल 1 महीने बढ़ाया कॉन्ट्रैक्ट! कर्मचारी मुसीबत में



सभी HKRNL कर्मचारी कांट्रेक्ट बढ़ोतरी लेटर जारी! धोखा – केवल 1 महीने बढ़ाया कॉन्ट्रैक्ट! कर्मचारी मुसीबत में



📌 परिचय

हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (HKRNL) के हजारों कर्मचारी एक बार फिर अनिश्चितता और अस्थिरता के दौर से गुजर रहे हैं। जहां उन्हें आशा थी कि सरकार उनके अनुबंध को 6 महीने या 1 साल के लिए बढ़ाएगी, वहीं सिर्फ 1 महीने की बढ़ोतरी ने उन्हें और अधिक मानसिक और आर्थिक संकट में डाल दिया है।

इस लेख में हम जानेंगे कि HKRNL द्वारा अनुबंध बढ़ोतरी से जुड़े क्या आदेश जारी हुए हैं, यह क्यों एक ‘धोखा’ माना जा रहा है, और कर्मचारी इस परिस्थिति से कैसे प्रभावित हो रहे हैं।


🔍 क्या है HKRNL?

HKRNL एक सरकारी निकाय है जिसे हरियाणा सरकार ने 2021 में बनाया था ताकि विभिन्न सरकारी विभागों में संविदा आधारित भर्तियाँ पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर की जा सकें। HKRNL के माध्यम से शिक्षक, क्लर्क, जेईएन, चौकीदार, हेल्पर, सफाई कर्मचारी आदि की नियुक्तियाँ की जाती हैं।

वर्तमान में लगभग 1.20 लाख से अधिक कर्मचारी HKRNL के अंतर्गत कार्यरत हैं।


🧾 अनुबंध बढ़ोतरी का सरकारी आदेश

🟠 9 मई 2025: एकमात्र 1 माह का विस्तार

HKRNL ने एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से घोषणा की कि जिन कर्मचारियों के अनुबंध 31 मार्च 2025 को समाप्त हो चुके हैं, उन्हें केवल 1 महीने, अर्थात् 30 जून 2025 तक का सेवा विस्तार दिया जा रहा है।

📄 ऑर्डर का नाम: “Extension of Contractual Engagement - One-Time Basis”
📅 जारी दिनांक: 9 मई 2025
🖊️ ऑर्डर संख्या: Memo No. 8018 / HKRNL

➡️ इसमें स्पष्ट किया गया कि यह केवल एकमात्र और अस्थायी विस्तार है।


💥 कर्मचारी क्यों कह रहे हैं इसे ‘धोखा’?

🔹 1. केवल 1 माह का विस्तार – स्थायित्व नहीं

कर्मचारियों को उम्मीद थी कि उन्हें कम से कम 6 महीने या 1 साल का अनुबंध मिलेगा, लेकिन मात्र 1 माह का विस्तार उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ जैसा प्रतीत हो रहा है।

🔹 2. नियमितीकरण की प्रक्रिया ठप

सरकार ने पहले वादा किया था कि जो कर्मचारी 5 वर्ष से अधिक सेवा कर चुके हैं, उन्हें 58 वर्ष की आयु तक सेवा में रखा जाएगा, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

🔹 3. पुनर्नियुक्ति पोर्टल निष्क्रिय

जो कर्मचारी 31 मार्च के बाद खाली पदों पर पुनर्नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे थे, उन्हें ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने को कहा गया, लेकिन उसमें भी तकनीकी दिक्कतें और पारदर्शिता की कमी देखी गई।


📉 1200+ कर्मचारियों के अनुबंध रद्द

HKRNL ने अप्रैल 2025 में 1,200 से अधिक कर्मचारियों के अनुबंधों को रद्द कर दिया, जिसमें शामिल थे:

  • 252 PGT शिक्षक
  • JE और Forest विभाग के कर्मचारी
  • पंचायत एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मी

इन कर्मचारियों के स्थान पर स्थायी भर्तियाँ की गई थीं। यह निर्णय अचानक लिया गया, जिससे हजारों परिवारों पर संकट आ गया।


😟 कर्मचारी कैसे हो रहे हैं प्रभावित?

💰 1. आर्थिक संकट

  • मार्च के बाद से वेतन न मिलने के कारण कई परिवारों का गुज़ारा मुश्किल हो गया।
  • लोन, बच्चों की फीस, राशन आदि में कटौती करनी पड़ रही है।

🧠 2. मानसिक तनाव

  • एक माह की बढ़ोतरी से भविष्य को लेकर तनाव और अवसाद बढ़ गया है।
  • कई कर्मचारी कह रहे हैं कि “हर महीने नौकरी जाएगी या बचेगी – इस डर से जीना मुश्किल हो गया है।”

⚠️ 3. स्थानांतरण का डर

  • कई मामलों में कर्मचारियों को कहा जा रहा है कि उन्हें किसी अन्य जिले में ट्रांसफर किया जाएगा, जिससे उनका पारिवारिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

📣 कर्मचारी संगठनों और विपक्ष की प्रतिक्रिया

  • विपक्षी नेताओं ने इसे ‘राजनीतिक धोखा’ करार दिया है।
  • कई कर्मचारी संगठनों ने धरना प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी दी है।
  • कांग्रेस सांसद कुमारी सेलजा ने सरकार से पूछा है कि “जब सेवा सुरक्षा कानून पास हुआ, तब यह अस्थिरता क्यों?”

🧾 सेवा सुरक्षा विधेयक – कागज़ी बात या समाधान?

हरियाणा सरकार ने नवंबर 2024 में संविदा कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) विधेयक पारित किया था:

विधेयक की विशेषताएं:

  • 5 वर्षों की सेवा के बाद 58 साल तक सेवा का अधिकार
  • आरक्षण नीति का अनुपालन: SC – 28%, BC – 32%, General – 40%
  • समान वेतन और सुविधाएँ

📌 लेकिन यह विधेयक अब तक जमीन पर उतरा नहीं है


🗺️ समाधान क्या हो सकते हैं?

समस्या समाधान
केवल 1 माह का विस्तार कम से कम 6 माह का अनुबंध दें
नियमितीकरण नहीं हो रहा पुराने अनुभव के आधार पर स्थायीकरण करें
पुनर्नियुक्ति की समस्या पारदर्शी और कार्यशील पोर्टल बनाएं
आर्थिक अस्थिरता स्थायी वेतन संरचना लागू करें

📌 निष्कर्ष

HKRNL के लाखों कर्मचारी एक मानसिक, आर्थिक और भविष्य संबंधी संकट से गुजर रहे हैं। सरकार का यह कदम – केवल 1 माह का अनुबंध विस्तार – अस्थायी राहत तो है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं

सरकार को चाहिए कि:

  • सेवा सुरक्षा विधेयक को पूरी तरह लागू करे
  • पुनर्नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए
  • अनुबंधों को 6–12 माह तक स्थायी रूप से बढ़ाए
  • कर्मचारियों की मनोस्थिति और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखे

📝 कॉल टू एक्शन (CTA):

👉 यदि आप एक HKRNL कर्मचारी हैं, तो इस जानकारी को अपने सहकर्मियों तक पहुँचाएं।
📢 यदि आप सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं, तो सरकार से जवाब माँगिए।
🗳️ लोकतंत्र में आवाज़ उठाना आपका अधिकार है।



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